बेटी

ओहो! ये सुबह सुबह कौन फोन कर रहा है, ओम ने फोन हाथ में लेते हुए कहा..तब तक उनके पास सोती हुई उनकी पत्नी सुशीला भी जाग चुकी थी..जिसका प्रभात फेरी में जाने का वक्त हो चुका था। ओम फोन उठाते हुए,”हैल्लौ कौन बोल रहा है” दूसरी तरफ से आवाज आई”बधाई हो समधीजी लक्ष्मी आई […]

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मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। करता चल पुरुषार्थ तू, काहे है भयभीत!!

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